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कोड और कल्पवृक्ष: डिजिटल बुद्धि में स्पंदित सनातन जड़ें

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  वर्तमान बौद्धिक सामाजिक युग: स्वरूप और काल-निर्धारण वर्तमान बौद्धिक सामाजिक युग मानवीय विकास के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ है। यह न केवल तकनीकों का परिवर्तन है , बल्कि मानवीय चेतना और सामाजिक संरचना के पुनर्गठन का काल है। 1. डिजिटल क्रांति का उद्भव ( 1970 से वर्तमान) इतिहासकारों और समाजशास्त्रियों ने इस युग को ' उत्तर-औद्योगिक समाज ' (Post-Industrial Society) के रूप में चिह्नित किया है। प्रथम चरण ( 1970-1990): सूक्ष्म-प्रक्रिया ( Microprocessors) और पर्सनल कंप्यूटर का उदय। यहाँ से सूचना का लोकतंत्रीकरण शुरू हुआ। द्वितीय चरण ( 1990-2010): इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब ( WWW) का विस्तार। इसने ' नेटवर्क समाज ' की नींव रखी। तृतीय चरण ( 2010- वर्तमान): बिग डेटा , कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( AI), और इंटरनेट ऑफ थिंग्स ( IoT) का युग। इसे ही " डिजिटल बुद्धि" का युग कहा जाता है। युग का स्वरूप: "डिजिटल बुद्धि" और डेटा-संस्कृति आज की सामाजिक व्यवस्था ' वस्तुओं ' के उत्पादन से हटकर ' विचार...